SIP (Systematic Investment Plan) एक ऐसी विधि है जिसमें आप नियमित रूप से एक निश्चित राशि निवेश करते हैं। इससे बाजार की उतार-चढ़ाव में औसत मूल्य मिलता है और डिसिप्लिन बना रहता है।
📈 स्टॉक SIP
सीधे किसी कंपनी के शेयर में हर महीने निवेश करना
उदाहरण: हर महीने ₹1000 रिलायंस या टाटा मोटर्स में लगाना
आपको कंपनी की रिसर्च खुद करनी होगी
रिटर्न ज़्यादा हो सकता है लेकिन रिस्क भी ज्यादा है
लॉन्ग टर्म में डिविडेंड का फायदा मिलता है
📊 म्यूचुअल फंड SIP
आपके पैसे को कई कंपनियों में एक फंड मैनेजर के द्वारा लगाया जाता है
कम रिस्क, डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो
Systematic Withdrawal Plan (SWP) और Growth/Dividend ऑप्शन होते हैं
Rupee Cost Averaging का फायदा मिलता है
नई शुरुआत करने वालों के लिए बेहतर
✅ निष्कर्ष: हमें किसमें SIP करनी चाहिए?
👉 अगर आप Beginner हैं, तो म्यूचुअल फंड SIP सही है
👉 अगर आप रिसर्च कर सकते हैं और जोखिम समझते हैं, तो स्टॉक SIP ज़्यादा रिटर्न दे सकता है
👉 दोनों का कॉम्बिनेशन भी एक बढ़िया रणनीति हो सकती है